वोडाफोन-आइडिया का घाटा तीसरी तिमाही में बढ़कर पहुंचा 6,438.8 करोड़ रुपये

वोडाफोन आइडिया को दिसंबर, 2019 में समाप्त तिमाही के दौरान 6,439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। यह लगातार छठी तिमाही है, जब दूरसंचार कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है। ब्रिटेन की वोडाफोन और आदित्य बिड़ला समूह की संयुक्त उपक्रम कंपनी लगातार उपभोक्ताओं की संख्या में कमी की समस्या से जूझ रही है। एक साल पहले समान अवधि यानी अक्तूबर-दिसंबर, 2018 के दौरान कंपनी को 5,005 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। दिसंबर, 2019 तिमाही के दौरान वोडाफोन आइडिया की कुल आय 5 फीसदी घटकर 11,380.5 करोड़ रुपये रह गई।

कंपनी के नतीजों पर वित्त की लागत बढ़ने और संपत्तियों के मूल्यह्रास का खासा असर दिखा। कंपनी की वित्त की लागत 30 फीसदी बढ़कर 3,722.2 करोड़ रुपये हो गई, जबकि मूल्यह्रास 23 फीसदी बढ़कर 5,877.4 करोड़ रुपये हो गया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रम में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर 13 अरब डॉलर की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की देनदारी के कारण कंपनी की मुश्किलें बनी हुई हैं। वोडाफोन आइडिया को जुलाई-सितंबर, 2019 तिमाही में 50,922 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो भारत के इतिहास में किसी कंपनी को हुआ सबसे बड़ा घाटा था।