देश में ऐसे कई होनहार युवा हैं जो अपने बलबूते हर मुश्किल काम को आसान बना लेते हैं और सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अनुकृति शर्मा।

देश में ऐसे कई होनहार युवा हैं जो अपने बलबूते हर मुश्किल काम को आसान बना लेते हैं और सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अनुकृति शर्मा। जयपुर की अनुकृति शर्मा ने न कोचिंग ज्वॉइन की और न ही कोई टेस्ट सीरीज में भाग लिया। लेकिन उन्होंने आईएएस बनकर अपना खुद का सपना पूरा कर दिखाया। जहां आज के दौर में संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के लिए युवा वर्ग हजारों-लाखों रुपए खर्च कर कोचिंग के जरिये तैयारी करता है, वहीं अनुकृति शर्मा ने सिर्फ इंटरनेट के जरिये पढ़ाई कर यह सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश में सरकारी नौकरियों में अगर सबसे लोकप्रिय कोई है तो वह है भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस की नौकरी। इसमें पैसा, शोहरत, रूतबा और दबदबा सब कुछ है। लेकिन पहली बात तो यह कि देश की सिविल सेवा परीक्षा को क्लीयर कर पाना सबके बस की बात नहीं है। दूसरा आपने क्लीयर भी कर लिया तो अच्छी रैंक पाकर आईएएस बनना बड़ा मुश्किल काम है। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए देशभर में हजारों कोचिंग संस्थान हैं। जिनमें हजारों से लेकर लाखों तक में फीस ली जाती है। लेकिन अनुकृति ने अपनी खुद की तैयारी से इस परीक्षा में न केवल सफलता प्राप्त बल्कि एक सम्मानजनक रैंक हासिल की है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अनुकृति ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कई आसान और अहम टिप्स दिए हैं। आइए जानते हैं आईएएस अनुकृति शर्मा की सफलता की कहानी ... 
अपने दम पर सिविल सेवा परीक्षा 2019 में 133वीं रैंक हासिल करने वाली अनुकृति ने दिल्ली नॉलेज ट्रेक को एक साक्षात्कार में अपने आईएएस बनने तक कहानी साझा की। इस दौरान अनुकृति ने बताया कि बिना अच्छी तैयारी के परीक्षा के दौरान आंसर राइटिंग बेहद मुश्किल होता है। लेकिन अगर हम आंसर राइटिंग को लेकर अपनी खुद की तैयारी को मजबूत कर लें तो यह काम आसान हो जाता है। स्वयं अनुकृति ने इसके लिए अभ्यास किया। 
अनुकृति के आईएएस बनने की कहानी बड़ी रोचक है। जहां एक और सामान्य लड़कियां शादी के बाद घर-गृहस्थी, परिवार और रिश्तेदारी संभालने में व्यस्त होकर अपने ख्वाब को पूरा करने के प्रयास छोड़ देती हैं, तो वहीं अनुकृति के आईएएस बनने के सफर की शुरुआत ही उनकी शादी के बाद हुई। अनुकृति शर्मा ने शादी के बाद आईएएस बनने की ठानी। उन्होंने न सिर्फ मन लगाकर इसकी तैयारी की बल्कि अपना सपना पूरा कर दिखाया।  
अनुकृति शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए हजारों-लाखों रुपए लेने वाले कोचिंग संस्थानों से दूरी बनाकर रखी। उन्होंने कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन टेस्ट सीरीज में भी भाग नहीं लिया। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए अनुकृति ने सिर्फ और सिर्फ इंटरनेट का सहारा लिया। उनका कहना है कि लगातार मेहनत और इंटरनेट के जरिये बेहतर तैयारी से भी आप सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पा सकते हैं। बस अपनी तैयारी नियमित तौर पर करते रहिए। अनुकृति की सफलता की कहानी शादीशुदा महिलाओं के लिए बड़ी प्रेरणादायक है। 
ऐसा ही नहीं है कि अनुकृति ने इंटरनेट के जरिये पहले ही प्रयास में सफलता पाई हो। उन्हें चार बार परीक्षा देनी पड़ी। तब कही जाकर वे आईएएस बन सकीं। अच्छी रैंक न बन पाने के कारण उनके पहले तीन प्रयास विफल हो गए। लेकिन अनुकृति ने हार नहीं मानी। वे निराश नहीं हुई। 2017 के प्रयास में उन्हें 355वीं रैंक प्राप्त हुई, लेकिन वे यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने 2018 में बेहतर तैयारी के लिए ब्रेक लिया। इसके बाद फिर 2019 के प्रयास में अनुकृति ने 138वीं रैंक हासिल की। तब कहीं जाकर उन्हें आईएएस बनने तमगा प्राप्त हुआ
साइंस बैकग्राउंड की छात्रा रही अनुकृति जयपुर के इंडो भारत इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की। 2012 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च कोलकाता से बीएसएमएस (जियोलॉजिकल साइंसेज) में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद अनुकृति ने नेट क्रैक किया। बाद में आगे पढ़ने के लिए अमेरिका चली गईं थीं। वहां से लौटकर आने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने की ठानी। अनुकृति के पिता सरकारी नौकरी से रिटायर हैं और मां कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। अनुकृति ने सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेने का फैसला करते ही सिलेबस जुटाया और उसके अनुसार इंटरनेट से स्टडी मैटेरियल निकाला। फिर शरू की पॉइंट टू पॉइंट तैयारी। जब सिविल सेवा का ख्याल मन में आया तब तक तो संविधान, आईपीसी और आर्टिकल क्या हैं, आदि कुछ भी नहीं जानती थी। फिर इन सबके बारे में पढ़ना शुरू किया। 
सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए अनुकृति के टिप्स  
आपके उत्तर यानी आंसर एक किसी अखबार की खबर की तरह होना चाहिए। 
उसमें शीर्षक, उप शीर्षक, बुलेट पॉइंट्स और सारांश या हाईलाइट होना जरूरी है। 
ताकि कॉपी जांचने वालों की नजर तुरंत सारांश या हाईलाइट और बुलेट पॉइंट्स पर पड़े और वे उसे बारीकी से जांचें। 
प्रश्न में जो पूछा जाए सिर्फ उसी बिंदु के आधार पर अपना आंसर लिखें।
आंसर को ज्यादा घुमा-फिराकर लिखने और अनावश्यक तथ्यों से बचना चाहिए। 
प्रश्न में जो बातें पूछी गईं हैं उनका सबका सीधा और सटीक जवाब लिखें।
अगर प्रश्न दो हिस्सों में हैं तो उसका उत्तर भी दो भागों में विभाजित कर ही लिखें। 
जरूरत के अनुसार, डायग्राम्स, उदाहरण, फ्लोचार्ट आदि का इस्तेमाल करें।
प्रश्न और उत्तर से संबंधित रिपोर्ट्स और कोट्स का हवाला जरूर दें।
हमेशा टॉपर्स के लिखने के तरीके से सीखने की कोशिश करनी चाहिए। 
इंटरनेट के जरिये भी आप यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। 
इससे जुड़ी हुई काफी सामग्री इंटरनेट पर निशुल्क मौजूद है।

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